Posts

Showing posts with the label opinion

चाहे मेरे वीडियो या पोस्ट को ज्यादा लोग न देखते हो फिर भी मै लगातार पोस्ट करता रहता हूँ।

 चाहे मेरे वीडियो या पोस्ट को ज्यादा लोग न देखते हो फिर भी मै लगातार पोस्ट करता रहता हूँ।  क्यों ? मेरा मानना है कि अगर मै कुछ भी कम्यूनिकेट नहीं करूंगा और मुझे कोई न देखे उससे अच्छा है कि मै कम्यूनिकेट करूं चाहे 10 लोग देखे , 100 देखे या 1000 देखे।  अगर मै कुछ नहीं करूंगा तो मै 10 लोगो तक भी नहीं पहुँच पाऊँगा। कुछ करके अगर 10 लोग भी मुझे सुन रहे हो और उनको मेरा कंटेंट अच्छा लग रहा हो तो वो 10 लोग ही मेरे लिए बहुत है क्यूंकि वो ही मेरी कम्युनिटी है और उनके लिए ही मै और अच्छे कंटेंट बनाने के लिए प्रेरित होता हूँ।  मुझे 500000 लोगो से कोई मतलब नहीं है मुझे केवल उन लोगो से मतलब है जिन्हे मेरा कंटेंट अच्छा लगता है चाहे वो 10 या 100 ही क्यों न हो।  मेरा एक आयुर्वेदिक प्रोडक्ट का चैनल है। उसपर मै अपने आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स से रिलेटेड वीडियो डालता हूँ। मैंने देखा कि उसपर महीने के 80 व्यू है। मुझे दुःख हुआ पर फिर मैंने सोचा कि अब इसे कम से कम 80 लोगो ने तो देखा और अगर मै इनके वीडियो डालता ही नहीं तो फिर तो वो 80 लोग भी इनको नहीं देख पाते।  अगर फ्री में 80 लोगो तक...

क्यों लोग पहले नुकसान में ही बिज़नेस छोड़ देते है ?

बहुत से लोग पहले सेट बैक में ही बिज़नेस या अपने स्टार्टअप को छोड़ने की बात करने लग जाते है।  उनको लगता है कि यह बिज़नेस उस तरह का नहीं है जिस तरह का उनको चाहिए।  पर वह भूल जाते है कि सेट-बैक और असफलता इस रास्ते में हमेशा साथ-साथ चलेगी। आप उनको नहीं बदल सकते। डिमांड और रिसेशन का दौर तो चलता ही रहेगा।  कभी तेजी रहेगी और कभी मंदी। पर दिक्क्त ये है कि लाभ तो सभी को चाहिए पर जब हानि की बात आती है तो उनको लगता है कि उसको कोई और सहे। अगर लाभ के समय आप हो तो नुकसान के समय में भी आपको ही रहना पड़ेगा।  लेकिन लोग नुकसान के समय भागने लगते है। जब तक लाभ आ रहा था बिज़नेस करना उनके लिए दुनिया का सबसे मजेदार काम था और जैसे ही नुकसान होना शुरू हुआ। उनको लगना शुरू हुआ कि शायद यह उतना मजेदार भी नहीं है और उनको इसको छोड़ देना चाहिए।  मैंने बहुत लोगो को पहले सेट बैक में ही बिज़नेस को बंद करते हुए देखा है और वो भी कभी दोबारा न इस रास्ते पर आने के लिए।  पर सेट बैक तो अस्थाई होते है। वो बहुत थोड़े समय के लिए ही रहते है और बिज़नेस फिर सामान्य रूप से चलने लगता है।  यहाँ पर धैर्य काम करत...

जॉब करनी चाहिए या बिज़नेस

 जब भी कोई मुझसे पूछता है कि जॉब करनी चाहिए या बिज़नेस।  मै कॉलेज पास आउट को पहले कुछ साल जॉब करने की सलाह देता हूँ ताकि वो वह सीख सके जो उनको उनके बिज़नेस में सहायता करे।  कोई अनुभव वाला व्यक्ति जब भी मुझसे यह सवाल पूछता है तो मेरा जवाब यही होता है कि आपको अब बिज़नेस शुरू करना चाहिए।  क्यों ? क्यूंकि बिज़नेस आपको एक अलग इंसान बनाता है। जो आप पहले कभी नहीं थे और कभी बन नहीं सकते अगर आप बिज़नेस शुरू नहीं करते। बिज़नेस में आपको बहुत कुछ सीखने को मिलता है जिसका कोई मोल नहीं होता। यह आपकी व्यवसायिक जिंदगी के अलावा आपकी व्यक्तिगत जिंदगी पर भी प्रभाव डालता है।  हो सकता है कि बिज़नेस के शुरूआती दौर में आपको दिन रात मेहनत करनी पड़े। आपको हो सकता है कि बहुत कुछ त्यागना पड़े पर एक समय के बाद आपको लगेगा कि आपको आपकी मेहनत और त्याग का फल मिलना शुरू हो गया है।  और अगर आप समझदारी से अपने व्यवसाय को चलाते हो तो आपके पास आपके किसी भी और सहपाठी से ज्यादा समय होगा अपने लिए, अपने परिवार के लिए , जो आप करना चाहते है उसके लिए।  इसी वजह से मै ज्यादातर लोगो को यह ही राय देता हूँ कि अ...

क्या आयुर्वेदिक मेडिसिन पद्धति अवैज्ञानिक है ?

क्या आयुर्वेदिक मेडिसिन पद्धति अवैज्ञानिक है ? मै किसी तरह की बहस में कभी नहीं पड़ना चाहता। मुझे लगता है कि मै उन लोगो में से हूँ जो इस प्रश्न का जवाब देने के योग्य है। मै एक फार्मासिस्ट हूँ। मैंने अपनी फार्मेसी की डिग्री (डिप्लोमा भी) एलोपैथिक मेडिसिन में किया है। और मैंने अपने करियर के शुरुआती सात साल एलोपैथी मेडिसिन की कंपनी में काम किया है और उसके बाद मैंने अपना आयुर्वेदिक स्टार्टअप शुरू किया था क्यूंकि इसको शुरू करना एलोपैथी मेडिसिन में स्टार्टअप शुरू करने से आसान था और आयुर्वेदिक मेडिसिन की मांग बढ़ने लग रही थी जबकि एलोपैथी में एक अच्छी मार्किट होने के साथ साथ बहुत ज्यादा प्रतियोगिता (कम्पटीशन) है और स्टार्टअप लागत बहुत ज्यादा है। मैंने दोनों इंडस्ट्री में काम किया है। करोना के कारण एक बहस का जन्म हुआ कि आयुर्वेदिक अच्छा है या एलोपैथिक। मेरे हिसाब से दोनों ही नहीं है। दोनों ही अपने आप में अपूर्ण है। दोनों में ही अभी बहुत कुछ कमियां है। अगर मै अपने अनुभव के आधार पर बताओ तो दोनों ही बिज़नेस है। कम्पनियाँ (चाहे आयुर्वेदिक हो या एलोपैथिक ) केवल पैसे के लिए काम करती है। डॉक्टर केवल पैसे ...