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आपकी जिंदगी में बहुत मौके ऐसे आते है जब आपको लगता है कि परिणाम भी मायने रखते है।

 आपकी जिंदगी में बहुत मौके ऐसे आते है जब आपको लगता है कि परिणाम भी मायने रखते है।  अक्सर हम सुनते आये है कि सफर का मजा लीजिये। फल की चिंता मत करिये, केवल कर्म करिये। पर आपकी जिंदगी में बहुत बार ऐसा होता है जब आपको महसूस होता है कि अगर मुझे परिणाम ही नहीं मिल रहे तो क्या फायदा इन सब चीज़ो का।  पर फिर भी आपके हाथ में कुछ नहीं होता सवाये या इंतज़ार करने के कि आपको परिणाम मिलना शुरू हो।  यह हर इंटरप्रेन्योर के धैर्य की परीक्षा होती है। यह खेल एक तरह से साँस रोकने का होता है। जितनी देर तक कोई साँस रोक सकता है उसकी सफलता की गुंजहिस उतनी ही ज्यादा होती है।  मै भूल चूका हूँ कि कब मैंने आखिरी बारी वो परिणाम प्राप्त किये थे जिनको मै चाहता था।  जो यह कहता है कि परिणाम मायने नहीं रखते वो गलत कहता है। परिणाम भी उतने ही मायने रखते है जितना की प्रयास। कभी परिणाम हमे अधिक प्रयास करने से रोकता है तो कभी अधिक प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है।   

आपको अगर एन्त्रेप्रेंयूर्शिप में कदम रखना है तो अपने दम पर रखिये।

 आपको अगर एन्त्रेप्रेंयूर्शिप में कदम रखना है तो अपने दम पर रखिये।  यह सफर जितना कूल और डैशिंग लगता है उतना होता नहीं है। यह आपके सारे सपनो को तोड़ देगा। यह आपको उस अकेलेपन का अहसास कराएगा जहाँ आपकी दुनिया आप और आपके काम तक सिमट कर रह जाएगी।  अगर आपको वीकेंड मानना और पार्टी करना अच्छा लगता है। आप एक सोशल इंसान हो जो लोगो से मिले बिना नहीं रह सकता। जिसको घंटो तक काम करते रहना पसंद नहीं है। जो अपनी शर्तो पर काम करना चाहता है। अगर ये खूबिया आपमें है।  तो मेरे हिसाब से आपमें इंटरप्रेन्योर बनने के गुण नहीं है।  अगर आप पैसे से मोह रखते हो और उसका नुकसान नहीं देखना चाहते। आपको पसंद है कि आपके पास हर महीने एक निश्चित कमायी आणि चाहिए तो यह आपके लिए नहीं है।  उप्पर दी हुए खूबियों से आप एक बड़े बिजनेसमैन बन सकते हो। आप बहुत पैसा भी कमा सकते हो पर जहाँ तक इंटरप्रेन्योर बनने की बात है तो आप इंटरप्रेन्योर नहीं बन सकते।  हजारो घंटो की मेहनत, दुनिया से सारे रिश्ते तोड़ देने वाला एकांतवास, अपनी सारी पूंजी लगा देने के बाद फाइनेंसियल प्रॉब्लम और भी बहुत सारी ऐसी चीज़े होती ह...

बिज़नेस शुरू करने के लिए पैसे कैसे बचाए ?

बिज़नेस शुरू करने के लिए पैसे कैसे बचाए ? यह बहुत ही कॉमन प्रश्न होता है जब भी कोई आपसे पूछता है कि बिज़नेस कैसे शुरू करूं मेरे पास तो पैसे ही नहीं है। मुझे पता है मै सबकुछ कर सकता हूँ। एक अच्छा बिज़नेस स्थापित कर सकता हूँ। बस एक बार पैसो का इंतज़ाम हो जाये।  मै बहुत निश्चिता से कह सकता हूँ कि अगर आपको कोई पैसे भी दे दे तो भी आप बिज़नेस को स्थापित नहीं कर पाओगे और उस पैसे को बिना जरूरत की चीज़ो पर खर्च कर दोगे।  क्यूंकि अभी अपने पैसो को बचाने और अच्छी तरह इन्वेस्ट करने का पाठ सीखा ही नहीं है।  अगर अपने सीखा होता तो आपको यह कहने की जरूरत नहीं होती कि मेरे पास तो पैसे है ही नहीं।  हममे से लगभग सबके पास जिनके पास एक अच्छी जॉब है एक अच्छी सैलरी आती है। पर हम अपनी सैलरी को ही मैनेज नहीं कर पाते और महीने के आखिरी में कुछ बचाने की बजाय और जायदा खर्ज में चले जाते है।  ऐसा नहीं है कि यह कम सैलरी की वजह से होता है। यह हमेशा होता है। चाहे 10000 की सैलरी हो या 100000 की।  क्यों ? क्यूंकि हमे उसको इन्वेस्ट करना ही नहीं आता।  जितनी सैलरी बढ़ती जाएगी उतने ही खर्चे बढ़ते जाये...

अपना बिज़नेस शुरू करना चाहते है और यह कैसे कर सकते है ?

बहुत पर्सन मुझसे पूछते है कि वो अपना बिज़नेस शुरू करना चाहते है और यह कैसे कर सकते है ? मै हमेशा उनको यह बताने की कोशिश करता था कि मैंने ऐसे किया है और अगर आप भी ऐसे करोगे तो आप भी अपना बिज़नेस शुरू कर पाओगे।  एक दिन मैंने सोचा कि मै अपना बिज़नेस कैसे शुरू कर पाया। बिना पैसो के , बिना संशाधनो के और बिना किसी बिज़नेस बैकग्राउंड के।  अगर आप अपनी स्थिति बदलना चाहते है तो आपको अपनी वर्तमान स्थिति से चल कर दूसरी जगह जाना पड़ेगा जहाँ आप अपने आप को देखना चाहते है।  अगर आप चाहो कि मै अभी करनाल में हूँ और दिल्ली जाना चाहता हूँ तो आपके पास एक ही रास्ता है कि आपको दिल्ली के लिए अपना सफर शुरू करना पड़ेगा। सफर का तरीका कोई भी हो सकता है - बस, कार, बाइक या पैदल। पर आपको दिल्ली पहुँचने के लिए सफर तो करना ही पड़ेगा।  बिल्कुल यही बात तब लागु होती है जब आप जॉब छोड़ कर या जॉब के साथ साथ बिज़नेस शुरू करना चाहते है।  आपको सफर की शुरुआत तो करनी ही पड़ेगी पर अफ़सोस कि लोग सफर की शुरुआत ही नहीं करना चाहते और वो चाहते है कि उनको उठना न पड़े और वो बैठे बैठे दिल्ली पहुँच जाये।  कोई आये एक क्रेन ...

सबसे ज्यादा जरूरी क्या है - सेल्स या मार्केटिंग ?

कमाल की बात है कि हमसे ज्यादातर लोग जो स्टार्ट-उप शुरू करते है एक सबसे जरूरी चीज़ की तरफ ध्यान नहीं देते और वो है मार्केटिंग।  हम केवल बेचने पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करते है। बेचना किसी भी बिज़नेस की जिंदगी के लिए सबसे अहम हिस्सा होता है। पर केवल बेचने पर ध्यान देना हमे हमेशा ही संघर्ष में फसा कर रखता है।  मार्केटिंग बेचने के दबाव को बहुत हद तक कम कर देता है और बेचना बहुत ही आसान लगना शुरू हो जाता है।  मार्केटिंग की पावर को समझना बड़ा जरूरी है। हमेशा सेल्लिंग ही काम नहीं आती। सेल का एक बहुत बड़ा हिस्सा मल्टी नेशनल कंपनियों का उनकी मार्केटिंग से आता है। उनके पास एक बहुत बड़ी सेल टीम होती है उनके पास संशाधन भी होते है पर वो सेल्लिंग के साथ साथ कंपनी की एक छवि बनाने पर भी ध्यान केंद्रित करते है।  कंपनी की मार्किट में एक छवि बनाना ही मार्केटिंग होती है। मार्केटिंग का उदेश्य ही लोगो में कंपनी के प्रति विश्वास पैदा करना और कंपनी को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुंचना है।  अगर आप में ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुँचने की काबिलियत आ गयी तो आपके लिए कुछ भी बेचना बहुत ही आसा...

महंगा और सस्ते से फर्क नहीं पड़ता।

 कुछ बिज़नेस की या कुछ प्रोडक्ट्स का महत्व ही उसके ज्यादा रेट की वजह से होता है।  एप्पल की हम्मीयत इसलिए नहीं है कि वो दुनिया के सबसे अच्छे फ़ोन होते है। उनकी हम्मीयत इसलिए ज्यादा होती है क्यूंकि वो इतने महंगे होते है कि उन तक हर किसी की पहुँच नहीं होती और उसको रखना एक स्टेटस माना जाता है।  जिस दिन एप्पल ने अपने रेट कम कर दिए चाहे वो आज की तकनीक से कहीं गुना ज्यादा अच्छा प्रोडक्ट दे दे वो जहाँ आज है वहां स्टैंड नहीं करेगी। उसका अधिक प्राइस ही उसकी ताकत है।  कई व्यक्ति मुझसे पूछते है कि आपका प्रोडक्ट महंगा है या मेरा प्रोडक्ट मुझे महंगा पड़ रहा है और मार्किट में तो प्रोडक्ट बहुत ही सस्ते - सस्ते रेट पर मिल जाते है फिर हम कम्पटीशन कैसे करेंगे तो मै उनको यह ही बात समझाता हूँ कि मार्किट में हर तरह का प्रोडक्ट बिकता है। बिलकुल सस्ता भी , मध्यम स्तर का भी और बहुत अधिक रेट के भी।  मार्किट में हर चीज़ बिकती है और हर तरह का ग्राहक आपको मार्किट में मिल जायेगा। यह आप पर है कि आप अपने प्रोडक्ट को किस स्तर पर रखना चाहता हो। महंगा और सस्ते से फर्क नहीं पड़ता। फर्क पड़ता है कि आप उस...

मैंने अपना बिज़नेस सफल कैसे बनाया?

 मैंने अपना बिज़नेस सफल बनाया इसको मै कहीं तरीको से बता सकता हु। और हर बार जब भी मुझसे कोई पूछता है तो मै इसको थोड़ा अलग तरीके से बता सकता हूँ।  मेरे बिज़नेस मॉडल के लिए सबसे जरूरी है कि आपके पास ज्यादा से ज्यादा लोग आपको डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए कांटेक्ट करे या आप ज्यादा से ज्यादा लोगो को कांटेक्ट करो।  बात छोटी सी होती है कि आप लोगो से कांटेक्ट कर रहे हो या लोग आपसे कांटेक्ट कर रहे है पर आपके बिज़नेस पर पड़ने वाला इसका असर बहुत गहरा होता है।  अगर आप किसी के पास जा रहे हो तो वहां टर्म एंड कंडीशंस सामने वाले पर्सन की होगी और अगर कोई आपके पास आ रहा है तो वहाँ ज्यादा मोके है कि आपकी टर्म एंड कंडीशन पर काम किया जाये।  मेरे पास पैसे नहीं थे तो मै किसी को क्रेडिट नहीं दे सकता था। और यह मेरी मुख्य टर्म एंड कंडीशन थी जिसके साथ में कोम्प्रोमाईज़ नहीं कर सकता था। इसी वजह से मैंने फैसला किया कि मै किसी भी जानकर पार्टी को एप्रोच नहीं करूंगा क्यूंकि वहां पर आप एडवांस पेमेंट नहीं ले सकते।  आपको केवल वहीं लोग चाहिए थे जिनको आपके प्रोडक्ट्स की जरूरत हो और जो खुद आपके पास चल क...

मेरा बिज़नेस सफर और मेरा बिज़नेस मॉडल !

मेरा बिज़नेस मॉडल बिलकुल साधारण है।  मै मार्केटिंग कम डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल पर काम करता हूँ। मार्केटिंग कम डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल को फार्मा में फ्रैंचाइज़ी नाम से भी जाना जाता है। इस मॉडल में काम करने का तरीका यह होता है कि आप एक कंपनी हो जो पुरे भारत में डिस्ट्रीब्यूटर्स ढूंढ रही है। हम प्रोडक्ट्स में डिस्ट्रीब्यूटर्स को ज्यादा मार्जिन देने की कोशिश करते है ताकि वो सेल्स के खर्चे आसानी से निकाल सके।  इस मॉडल की ज्यादातर कंपनियां ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीको से डिस्ट्रीब्यूटर्स ढूंढ़ने की कोशिश करते है। पर मेरे काम करने का तरीका थोड़ा अलग है। मैंने अपनी जॉब के अंतिम कुछ वर्षो में और अपने स्टार्टअप में बहुत ही कम सेल्स कॉल की है। मेरे काम करने का तरीका है - ज्यादा से ज्यादा से लोगो तक खुद को पहुंचना और ज्यादा से ज्यादा लीड बिज़नेस के लिए प्राप्त करना ताकि हमारी सेल्स टीम का समय बच जाये और उनको केवल उनसे ही बात करनी पड़े जो पहले से ही हमारे साथ बिज़नेस करने में इंटरेस्टेड हो। और यह मेरे लिए बहुत सफल रहा।  और मुझे कभी भी नए क्लाइंट ढूंढ़ने में कोई दिक्क्त नहीं हुए। हर महीने ठीक ठाक नए क्...

कैसे एक नॉन फार्मा पर्सन होलसेल फार्मा बिज़नेस शुरू कर सकता है ?

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कैसे एक नॉन फार्मा पर्सन होलसेल ड्रग लाइसेंस ले सकता है ? होलसेल ड्रग लाइसेंस  में रिटेल ड्रग लाइसेंस के लिए केवल फार्मासिस्ट का होना ही जरूरी नहीं है।  अगर आपको रिटेल ड्रग लाइसेंस लेना है तो आप बिना फार्मासिस्ट के रिटेल ड्रग लाइसेंस नहीं ले सकते। पर जब होलसेल ड्रग लाइसेंस की बात आती है तो उसमे फार्मासिस्ट के अल्वा भी सम्भावने होती है कि आपको बिना फार्मासिस्ट के भी होलसेल ड्रग लाइसेंस मिल जाये।  होलसेल ड्रग लाइसेंस के लिए कौन कौन एलिजिबल होता है - राज्य फार्मेसी परिषद के तहत पंजीकृत फार्मासिस्ट हो या सक्षम व्यक्ति/अनुभवी व्यक्ति को स्नातक के बाद पंजीकृत थोक दवा लाइसेंस प्राप्त फर्म में न्यूनतम एक वर्ष का अनुभव (बैंक वेतन विवरण, नियुक्ति पत्र, अनुभवी पत्र और त्याग पत्र के साथ) तो अगर आप होलसेल ड्रग लाइसेंस लेना चाहते है और आप फार्मासिस्ट भी नहीं है तो अगर आप ग्रेजुएट हो और आपको किसी होलसेल ड्रग लाइसेंस वाली फर्म पर कम से कम एक साल का अनुभव है तो भी आप होलसेल ड्रग लाइसेंस के लिए अप्लाई करने के एलिजिबल हो जाते है पर यहाँ ड्रग इंस्पेक्टर पर भी निर्भर करता है कि वे आपको एलिज...