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क्यों ज्यादातर बिज़नेस कंटेंट मार्केटिंग में फेल हो जाते है ?

किसी ने मुझसे पूछा कि अगर कंटेंट मार्केटिंग और डिजिटल मार्केटिंग के इतने अच्छे रिजल्ट है तो सभी कम्पनिया इसे क्यों नहीं करती ? करना सब चाहती है पर कंटेंट मार्केटिंग के लिए कंटेंट बनाना पड़ता है, समय खर्च करना पड़ता है और इसके रिजल्ट इतने आराम आराम से आते है कि इतना धैर्य किसी मै नहीं होता कि वो इंतज़ार कर सके।  यह इतना टाइम लेता है कि बड़े बड़े लोगो का धैर्य जवाब दे देता है।  एक कारण यह भी होता है कि ज्यादातर बिज़नेस जल्दी रिजल्ट चाहते है और कंटेंट मार्केटिंग रिजल्ट दिखाने में बहुत समय लेता है। और हर आर्गेनाईजेशन के एम्प्लॉयीज को जल्दी रिजल्ट दिखाने होते है उनके सीनियर्स को।  तो एम्प्लोयी या एजेंसीज केवल शार्ट टर्म पर ध्यान देती है इसीलिए वो कंटेंट को मैनुपुलेट करने की कोशिश करते है और ऐसे कंटेंट क्रिएट करने के कोशिश करते है जो ज्यादा से ज्यादा वायरल हो जाये। उन्हें इस चीज़ से कोई मतलब नहीं होता है कि वो उनके व्यूअर या रीडर के लिए सही भी है या नहीं।  जो लॉन्ग टर्म में किसी भी बिज़नेस के लिए नुकसान दायक सिद्ध हो सकता है। 

सफलता के मायने आपकी किसी भी खूबी से तय नहीं होते।

 सफलता काबलियत, हुनर, टैलेंट, गुण या आप कितने स्मार्ट है इस बात से तय नहीं होती।  सफलता के मायने आपकी किसी भी खूबी से तय नहीं होते।  सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितने समय तक मैदान में टिके रहने के लिए तैयार है। चाहे वो जिंदगी की गेम है , जॉब की, बिज़नेस की, राजनीती की या फिर कोई और।  अगर आप अपनी आखिरी साँस तक टिके रहने के लिए तैयार है तो सफलता आपका इंतज़ार कर रही है। अगर आप उस वक़्त भी मैदान में टिके रहने के लिए तैयार है जब आपकी जीत के हर रास्ते बंद हो जाते है। जहाँ आपको लगता है कि सब कुछ खत्म हो गया।  आप अगर तब भी उठने के लिए तैयार है जब आपके शरीर का हर हिस्सा उठने से मना कर रहा हो। जब आप पूरी तरह टूट चुके हो। तब सफलता आपके सबसे पास होती है। 

बिज़नेस कब खराब लगने लगता है ?

 बिज़नेस में प्रॉब्लम कब महसूस होती है ? बिज़नेस कब खराब लगने लगता है ? जब तक प्रोडक्ट अच्छी तरह बिक रहे हो। पेमेंट सही आ रही हो। मार्किट उछाल पर हो। बिज़नेस की भाषा में अगर बात करे तो अगर सीजन आया हुआ हो तो बिज़नेस बड़ा प्यारा लगता है।  ऐसा लगता है कि बिज़नेस से अच्छी चीज़ दुनिया में कोई है ही नहीं।  पर जब सीजन न हो या जिस बार सीजन न आये। मार्किट में काम कम हो , पेमेंट आने में देरी हो रही हो या मार्किट से कलेक्शन बहुत ही कम हो तो बिज़नेस में इंसान निराश होने लगता है।  कुछ समय के लिए अगर ऐसा चले तो फिर भी सहन हो जाता है पर अगर यह लम्बे समय तक चले तो बिज़नेस इंसान को बुरा लगना शुरू हो जाता है।  बिज़नेस में हर चीज़ सर्कुलेशन पर घूमती है। इधर का पेमेंट उधर और उधर का पेमेंट इधर। जब यह सर्कुलेशन टूट जाता है तो बिज़नेस को सही तरह चला पाना मुश्किल हो जाता है।  मै अक्सर अपने साथी बिज़नेस को यही राय देता हूँ कि ऐसे दौर में धैर्य रखना चाहिए। पर बहुत बार मै खुद इतना निराश हो जाता हूँ कि मुझे खुद मोटिवेशन की जरूरत होती है। 

चाहे मेरे वीडियो या पोस्ट को ज्यादा लोग न देखते हो फिर भी मै लगातार पोस्ट करता रहता हूँ।

 चाहे मेरे वीडियो या पोस्ट को ज्यादा लोग न देखते हो फिर भी मै लगातार पोस्ट करता रहता हूँ।  क्यों ? मेरा मानना है कि अगर मै कुछ भी कम्यूनिकेट नहीं करूंगा और मुझे कोई न देखे उससे अच्छा है कि मै कम्यूनिकेट करूं चाहे 10 लोग देखे , 100 देखे या 1000 देखे।  अगर मै कुछ नहीं करूंगा तो मै 10 लोगो तक भी नहीं पहुँच पाऊँगा। कुछ करके अगर 10 लोग भी मुझे सुन रहे हो और उनको मेरा कंटेंट अच्छा लग रहा हो तो वो 10 लोग ही मेरे लिए बहुत है क्यूंकि वो ही मेरी कम्युनिटी है और उनके लिए ही मै और अच्छे कंटेंट बनाने के लिए प्रेरित होता हूँ।  मुझे 500000 लोगो से कोई मतलब नहीं है मुझे केवल उन लोगो से मतलब है जिन्हे मेरा कंटेंट अच्छा लगता है चाहे वो 10 या 100 ही क्यों न हो।  मेरा एक आयुर्वेदिक प्रोडक्ट का चैनल है। उसपर मै अपने आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स से रिलेटेड वीडियो डालता हूँ। मैंने देखा कि उसपर महीने के 80 व्यू है। मुझे दुःख हुआ पर फिर मैंने सोचा कि अब इसे कम से कम 80 लोगो ने तो देखा और अगर मै इनके वीडियो डालता ही नहीं तो फिर तो वो 80 लोग भी इनको नहीं देख पाते।  अगर फ्री में 80 लोगो तक...

बिज़नेस शुरू करने के लिए पैसे कैसे बचाए ?

बिज़नेस शुरू करने के लिए पैसे कैसे बचाए ? यह बहुत ही कॉमन प्रश्न होता है जब भी कोई आपसे पूछता है कि बिज़नेस कैसे शुरू करूं मेरे पास तो पैसे ही नहीं है। मुझे पता है मै सबकुछ कर सकता हूँ। एक अच्छा बिज़नेस स्थापित कर सकता हूँ। बस एक बार पैसो का इंतज़ाम हो जाये।  मै बहुत निश्चिता से कह सकता हूँ कि अगर आपको कोई पैसे भी दे दे तो भी आप बिज़नेस को स्थापित नहीं कर पाओगे और उस पैसे को बिना जरूरत की चीज़ो पर खर्च कर दोगे।  क्यूंकि अभी अपने पैसो को बचाने और अच्छी तरह इन्वेस्ट करने का पाठ सीखा ही नहीं है।  अगर अपने सीखा होता तो आपको यह कहने की जरूरत नहीं होती कि मेरे पास तो पैसे है ही नहीं।  हममे से लगभग सबके पास जिनके पास एक अच्छी जॉब है एक अच्छी सैलरी आती है। पर हम अपनी सैलरी को ही मैनेज नहीं कर पाते और महीने के आखिरी में कुछ बचाने की बजाय और जायदा खर्ज में चले जाते है।  ऐसा नहीं है कि यह कम सैलरी की वजह से होता है। यह हमेशा होता है। चाहे 10000 की सैलरी हो या 100000 की।  क्यों ? क्यूंकि हमे उसको इन्वेस्ट करना ही नहीं आता।  जितनी सैलरी बढ़ती जाएगी उतने ही खर्चे बढ़ते जाये...

क्या स्मार्ट वर्क करके जल्दी ग्रो कर सकते है ?

 स्मार्ट वर्क का कांसेप्ट का प्रसिद्ध हुआ पिछले कुछ समय में।  लोग कहते है कि आप स्मार्ट वर्क करते हो इसीलिए अपने काफी जल्दी ग्रो किया है और अपने बिज़नेस को स्थापित करने कामयाब रहे हो।  आप लैपटॉप पर बैठे बैठे ही पार्टियां ढूंढ लेते हो और आपको कहीं पर ट्रेवल करने की जरूरत नहीं पड़ती।  उनको लगता है कि यह स्मार्ट वर्क करने की वजह से हुआ है।  नहीं !  यह हुआ है यह जानने के बाद कि मै कैसे काम कर सकता हूँ ? हो सकता है कि सबको लगता है कि यह स्मार्ट वर्क है पर असल में यह स्मार्ट वर्क नहीं है।  यह मार्किट को समझ कर उसके लिए किये गए हार्ड वर्क की वजह से है। यह संशाधनो के न होने के कारण केवल बचे हुए विकल्प पर मेहनत करने के कारण है।  यह अपने समय का सही जगह इन्वेस्ट करने के कारण है।  अगर मेरे पास संशाधन होते तो मै भी शायद वही विकल्प अपनाता जो ज्यादातर बिज़नेस अपनाते है। किसी मार्केटिंग एजेंसी को हायर करता , सेल्स टीम को रखता , मार्केटिंग पर एक बहुत बड़ा बजट खर्च करता इत्यादि।  पर मेरे पास इतने संशाधन नहीं थे।  तो मैंने एक फैसला क्या अनजाने सफर पर अपना...

किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस को बेचने की पहली कंडीशन क्या है ?

 किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस को बेचने की पहली कंडीशन क्या है ? सबको लगता है कि उसके पास एक ऐसा प्रोडक्ट या सर्विस होनी चाहिए जो ज्यादा से ज्यादा लोग उपयोग कर सके और इसी कारण हम अपने प्रोडक्ट या सर्विस को हर किसी व्यक्ति पर बेचने की कोशिश करते है।  हमे केवल उसको बेचने से मतलब होता है तो हम हर व्यक्ति को उसके गुण और रेट्स और लाभों के बारे में बता कर उसको प्रभावित करने की कोशिश करते है ताकि वह हमसे खरीद सके।  यहाँ हम सबसे बड़ी गलती करते है।  हमे लगता है कि हर कोई हमारा कस्टमर हो सकता है और हम हर किसी को अपनी मार्केटिंग स्ट्रेटेजी में शामिल कर लेते है। हर किसी को बेचने के चक्र में हम किसी को भी नहीं बेच पाते।  हर कोई आपका कस्टमर नहीं हो सकता है। हमे एक बहुत बड़ी ऑडियंस में से अपने संभावित कस्टमर को ढूंढ़ना है। और अपनी सेल्लिंग स्ट्रेटेजी और मार्केटिंग स्ट्रेटेजी उसी हिसाब से बनानी है।  संभावित कस्टमर को ढूंढ़ने के लिए पहले आपको अपने प्रोडक्ट्स या सर्विस के बारे में सम्पूर्ण ज्ञान होना जरूरी है।  आप क्वालिटी प्रोडक्ट बनाते है और आपकी किम्मत दूसरी कंपनी से ज्यादा...